ज़ुकाम शायरी


जुकाम और चिंता एक जैसे ही है
जब भी आते है..
एक नाक में दम कर देता है और
दूसरा दिमाग का दही कर देती है

Jukaam Shayari | Comman Cold Quotes In Hindi | Sardi Shayari

सर्दी जुखाम ने इस कदर पीछा पकड़ा है
जैसे भरे महफिल में हमने इन्हे कुबूल है कहां है

बहुत लंबा समय बीत गया तब से
अभी तक नही गया
बड़ा ढीढ है ये जुक़ाम

आसमान साफ हुआ था कि
प्यार की बारिश होने लगी
भीगने का दिल करता है पर
जुकाम हो ना जाए ये फिक्र होने लगी

जुखाम शायरी


जुखाम सा महसूस हो रहा है मुझे
लगता है वो बारिश में भींग आया है

मुझे जुकाम भी हो जाए तो दवा नहीं लेता
मुझे अच्छा लगता है
जब कोई सीने को तुम जैसे जकड़ा रहता है

ज़िंदगी सिर्फ एक इत्तेफ़ाक़ है
कभी जुकाम, कभी बुख़ार है

Comman Cold Jokes


एक बात बोलूं,
सर्दी में तुम अपना ध्यान रखना
क्योंकि आंसू पोंछने वाले तो
हर गली में मिल जाएंगेे तुम्हें
पर नाक पोंछने वाला कोई नही
😪😂😪

पहले तकिया भीग जाती थी रोते रोते
आज रुमाल भीग गई, नाक पोछते पोछते
😂😪🤧

तेरी यादों से मेरा जुकाम बिगड़ गया
आंखों की जगह मेरा नाक बह गया
🤧😀🤣

कहते हैं जब इक रस्ता बन्द होता है
तो कहीं दूसरा रस्ता खुल जाता है
पर सर्दी जुकाम सारे रस्ते बन्द कर देती है।
😂😂😂

Comman Cold Quotes In Hindi


जुकाम से बुरा हाल है
नाक, गला दोनों बेहाल है 😓

इक तो यह बर्फीला मोसम
दूजी यह तेरी बेरुखी
अब तो मार ही डालेगी
हाय यह जुकाम, खांसी

बेपहान मोह्ब्बत थी मुझें ख़ुद से
जानें कैसे वो दिल में मुकाम बना गई
भीगी खुद सावन की बारिश में
जानें कैसे मुझ मे ज़ुकाम बना गई

वो भी एक वक़्त था
जब हमें ज़ुखाम हो जाता था
तो उनको बहुत फ़िक्र होती थी हमारी
आज भी जोरों की जुखाम है
पर सायद किसी को याद ना आई हमारी

ये कम्बख़्त जुक़ाम भी
तेरी यादों की तरह
पीछा ही नही छोड़ता..

जिसे मोहब्बत की ठंड लग गयी हो
उसे बरबादी का ज़ुकाम होना लाज़िम है

Jukam Sardi Shayari


इश्क़ ज़ब हद से गुज़र जाए तो ये बात
खटकती है बाबू को हो जुखाम तो
सोना की नाक टपकती है

कभी दर्द बन कर तो
कभी प्यार बन कर
हरदम रहते हो तुम मेरे जहन मे
जुखाम बन कर

तम्मन्ना थी कि, तेरे हाथो का रुमाल बनूं
पर तेरा जुखाम देखा तो इरादा बदल गया

उम्र का तकाजा है जो
अब सर्दी जुकाम रहता है
वरना दिसंबर के महीने से
हमें इश्क हुआ करता था

उम्मीद ये आदमी तमाम क्यों हो रहा है
आखिर ये शायर बदनाम क्यों हो रहा है
गाँव में इसने कई दफ़ा एहतियात बरती है
फिर भी इसे जुखाम क्यों हो रहा है

तुम अक्सर ख़्वाबों में आते हो
मुझे ज़ुखाम हो जाता है
तुम हम पे इल्जाम लगाते हो
फिर भी बदनाम ज़ुखाम हो जाता है

मेरा ज़ुखाम भी थोड़ा इश्क़बाज़ है..
मेरी तरह ये भी बड़ा दगाबाज़ है..

अपनी गिरफ्त में जुखाम ने मुझे जकड़ रखा है
पढ़ाई के इस मौसम में नींद ने दामन पकड़ रखा है

बैठी है पकड़कर न उसमें स्वाद कोई,
बरसों से बिगड़ा जैसे जुकाम हो कोई..

जुकाम सर्दी शायरी


आज मौसम बड़ा बेदर्दी है
क्यूंकि लग गई हमको सर्दी है 🤧

चली गयी चूम कर वो शब्दों को मेरे
उसे भी इश्क़ वाला जुकाम हो गया

ये मौसम का जादू है मितवा
न अब नाक पर काबू है मितवा

खाँसी है, जुकाम है, बुखार है
पीड़ा भी दर्द के पार है
बस तुम्हारा ही एक प्यार है
जिससे मुस्कान बरकरार है

मोबाइल के बाद जुकाम ही एक ऐसी बीमारी है
जो आपके हाथों को हमेशा बिजी रखती है‌
🤧🤧

नींद उड़ी हुई है सुकून गायब है
जुकाम को इश्क हुआ है हमसे कि
तड़पेंगे अब रात भर
करवट बदल बदल कर..

Comman Cold Status


हालात इस कद़र बेकाबू है कि
खराब दिल़-ओ-दिमाग है
दर्द़ हो तो सह भी लूँ,
कमबख्त इस जुकाम का क्या करूँ

ऐसा क्यूँ होता है बार बार
क्या इसको ही कहते हैं प्यार
सुना है..प्यार में लोगों के आँसू बहते हैं
मेरे तो आँसू और नाक दौनों बह रहे हैं..

पता नहीं लोगों को प्यार का रोग
जानें कैसे लग जाता है...
हमें तो कमबख्त जुकाम से ही
फुरसत नहीं मिलती 😂

इश्क़ की बारिशों में भीगते फिरते हो
जुकाम लगना तो लाज़मी था