Bismillah Shayari

बिस्मिल्लाह शायरी | Bismillah Shayari & Quotes

इश्क़ में मर्ज़ियाँ नहीँ चलती
जो भी यार कहे बस "बिस्मिल्लाह"

मैंने लिखना चाहा तेरे बारे में
बिस्मिल्लाह बोलकर कलम उठाई
फिर अश्कों ने लिखने ना दिया

इश्क़ में थके हारों ने कहा बिस्मिल्लाह
तेरे हुस्न के मारों ने कहा  बिस्मिल्लाह
जब डुब रहा था तेरी यादों के समंदर में
एक तिनके के सहारे ने कहा बिस्मिल्लाह

बिस्मिल्लाह बोल के सबने
शुरू की आयतें ऱब की
और मैं बैठा रह गया
दरगाह मे तेरा नाम लेकर

तू बन जा घाटों से गुज़रती कोई गली बनारस की
मैं बिस्मिल्लाह की शहनाई बन तुझमें गूंजता रहूंगा

यही आदाबे मुहब्बत का तकाज़ा है बस
तू मुझे दर्द दे मैं कहूँ बिस्मिल्लाह

मेरे तसब्बुर में यकीनन, तेरे सिवा कोई और नहीं है
इस ताबीर को बिस्मिल्लाह कह मुकम्मल कर दे

आपकी निग़ाहों के शागिर्द
हम भी हो जाएंगे
बस एक बार अपनी मुस्कुराहट से
बिस्मिल्लाह तो कीजिये

बिस्मिल्लाह शायरी


दुआ जिस चीज़ की कीजिए
तो बस अल्लाह से कीजिए
शुरू जिस काम को कीजिए
तो बस बिस्मिल्लाह कीजिए

मेरे मालिक मेरे सब्र और
शुक्र का बस का इतना असर हो
दिन का आगाज़ बिस्मिल्लाह से और
इख्तिताम अल्हुमदुलिल्ला पर हो

जब उस शख्सियत ने पहली बार
मेरा हाथ पकड़ा
जनाब मैंने बिस्मिल्लाह इर रहमान ईर रहीम कहा

मिजाज़ अच्छा है पुरे रमज़ान से मेरा
मेरी जान दिल खोलकर तड़पा रही है
बिस्मिल्लाह!

सत बिस्मिल्लाह करा था उसने
वोह इश्क़ क़ज़ा कर बैठे
हम बाज़ी ज़िगर की लगाए
हार के सब कुछ गवा बैठे

Bismillah Quotes


मिजाज़ अच्छा है आज मेरा
कोई दिल लगाना चाहे तो बिसमिल्लाह

मैं बिस्मिल्लाह की शहनाई सा गूँजता रहूँ
मुझे गंगा घाटों से गुजरने वाली गली जो मिले

ये बात किसने उड़ाई कि मुझे इश्क है उनसे
हाँ उन्हें यकींन आये तो मेरी तरफ से बिस्मिल्लाह

मजबूर मिले जो उल्फत में
सर आंखों पर यह सारे सितम
जब रब को ही मंजूर यही
तो बिस्मिल्लाह ऐसे ही सही

If you start
Your every actions with Bismillah
And end with Alhamdulillah.
The result will always be Masha Allah

आने वाले को बिस्मिल्लाह
जाने वाले को फि अमानिल्लाह

एक चांद रात के आगोश में था
और एक चांद मेरी बाहों में सो गया
आयतें तो नहीं पड़ी हमने
मगर देखकर तुम्हें दिल हमारा बिस्मिल्लाह हो गया

तेरे झूठे ऐतबार को भी चाहत कहूँगी
तेरे पाक इरादों को मैं इबादत पढ़ूँगी
तू सिर झुका कर तो देख इरादों पर मेरे
वादा है तेरी अनकही हसरतों पर भी बिस्मिल्लाह कहूँगी

Bismillah Status


छुपकर नहीं खुल्लम-खुल्ला करो
पहले इश्क है चलो बिस्मिल्लाह करो

कि अब मुझ पर कोई इश्क परचम ना लहराना
इश्क से वाकिफ होकर
फकत बिस्मिल्लाह का हो गया हूं मैं

जो हर काम से पहले बिस्मिल्लाह नहीं पढ़ते
अधूरा काम उनका रहता है कामिल नहीं होता

किसी ने हमसे पूछा इश्क क्या है
हमने तेरा नाम से बिस्मिल्लाह कर लिया

मुक़म्मल तो इसे होना पड़ेगा कि
इश्क भी मैंने 'बिस्मिल्लाह' कह शुरू किया है

वो आवाज ही मेरी अजान थी और
उसका चेहरा ही मेरा मेरी बिस्मिल्लाह
फिर एक रोज कुछ यूं हुआ कि
मेरी भूख हमेशा के लिए मिट गई

कल यूँ ही मोड़ पर फिर उनसे टकरा गया
आँखों से आँखे मिली और बिस्मिलाह हो गया